Sunday, May 10, 2015


जिंदगी मे २ मिनट कोई मेरे पास ना बैठा,
आज सब मेरे पास बैठे जारहे थे….
कोई तौफाह ना मिला आज तक,
और आज फुल हि फुल दिये जा रहे थे…
तरस गये थे हम किसी एक हाथ के लिये,
और आज कंधे पे कंधे दिये जा रहे थे….
दो कदम साथ ना चलने को तैयार था कोई,
और आज काफिला बन साथ चले जारहे थे…
आज पता चला मुझे कि “मौत” कितनी हसिन होती है…कम्बख्त…
हम तो युहि जिंदगी जिये जा रहे थे.



๓гยﻮєรђ

No comments:

Post a Comment